Amal ke Liye Hisar Karne Ka Tarika

Amal ke Liye Hisar Karne Ka Tarika

Amal ke Liye Hisar Karne Ka Tarika

Amal ke Liye Hisar Karne Ka Tarika,”बहुत सारे लोग हमसे पूछते है, की हिसार क्या होता है? हिसार क्यों किया जाता है. आज हम हिसार के बारे में अपने दोस्तों को बताने जा रहे है. किसी भी तरह का अमल करने से पहले हिसार करना बहुत जरुरी है. amal ke liye hisar karne ka tarika अगर आपने हिसार कर लिया तो अल्लाह आपको आने वाली बुरी ताकत से आपकी हिफाज़त करेगा. जिससे आपको अमल में कामयाबी मिल जाएगी.

अमल करने से पहले आमिल को चाहिए कि पहले वो इन हिसारो में से किसी एक हिसार से काम ले. ये हिसार आमिल को उन मुअक्किलो की यातनाओं से बचा सकेंगे जिन्हे आमिल अपने बस में कर रहा है. इसके इलावा ज़मीन और आसमानी आफत से भी आमिल महफूज़ रहेगा जो अमल क दौरान अचानक किसी न किसी भयानक शकल में सामने आया करते है. आमिल को चाहिए कि हिसार को ख़ास तौर से अमलियात का एक हिस्सा ख्याल करे और अमल में शामिल करे ऐसा न करने से खुद को सख्त खतरा है.

हिसार नं ०१

 या हलीमु या करीमु या हाफिज या नासिक नसीरू या रकीबु या वक्ौतु या अल्लाहु या अल्लाहु बिहका काफ हा या ऐन सादर द हा मोम एन सीन क्राफ पढ़कर दम करें- ता इताहा इल्लल्लाह हिसार करदम खुद राब मुहम्मद रसूलुल्लाह इन कलिमात को तीन बार पढ़कर हाथो पर दम करके बदन पर हाथ फेरे खुदा ने चाहा तो समस्त बलाओं व आफ़तों से बचा रहेगा ।
हिसार न ०२
आउनु बिल्लाहि मिनश्शयतानिरंजीम बिस्मिल्लाहिर्रमानिर्रहीम पढ़कर ११-११ बार सूर : नास व सूर : फलक पढ़े दोनों सूरतों में बिस्मिल्लाह कहे और अपने ऊपर दम करे. यह हिसार भी बढ़ा प्रभावशाली है जरूरत के समय काम में लाएं.
हिसार न ०३
यह हिसार भी इशा की नमाज के बाद किया जाता है. आयवल कुर्सी तीन बार पढ़कर अपने हाथो पर दम करें और दस्तक दें. यह अमत हर दिन करना है कर प्रबर ये सुरक्षा की जमानत है और समस्त हिसारों से अधिक आमान है. इसका वित मान या गोदाम में इसी तरह उगली चारों ओर घुमाकर कर दिया जाए तो चोर मकुजों के खतरों से बचा रहे.
हिसार नं ०४
बिस्मिल्लाहिर्रमानिहिीम ला इलाहा इल्तल्लातु व इलयना हिमान मुहम्मदुरैसूलुल्लाहि कृपलन व मिसयारन ता इताहा अ – श – रून मद हजार बार

अमल के लिए हिसार करने का तरीका

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